यूपी में मौसम कहर: 60 जिलों में आंधी-बिजली क अलर्ट, तापमान गिरावट

यूपी में मौसम कहर: 60 जिलों में आंधी-बिजली क अलर्ट, तापमान गिरावट

उत्तर प्रदेश के 60 से अधिक जिलों में आज भी राहत नहीं मिलने वाली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बुधवार, 8 अप्रैल 2026 को जारी की गई चेतावनी में कहा है कि पश्चिमी और पूर्वी यूपी में गरज-चमक के साथ भारी बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहेगा। विशेष रूप से पश्चिमी संभाग में 'ऑरेंज अलर्ट' सक्रिय है, जो ओलावृष्टि और 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवाओं की संभावना दर्शाता है।

यह स्थिति केवल एक सामान्य बारिश की घटना नहीं है। हाल ही में हुए तूफानों ने राज्य में भारी क्षति और जानमाल की हानि की थी, जिसके बाद यह नई चेतावनी लोगों के लिए सतर्कता का संदेश है। पिछले कुछ हफ्तों में धूल भरी आंधी और बिजली गिरने से हुए हादसों की याद ताजा है, जहाँ कई जिलों में पेड़ उखड़ गए और छतें गिर गईं। इसलिए, आज की इस मौसमिक चेतवनियां को हल्के में लेना खतरनाक साबित हो सकता है।

कौन से जिले हैं सबसे ज्यादा प्रभावित?

मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के संभागों में स्थिति गंभीर है। नोएडा, गhaziabad, लखनऊ, कानपुर और आगरा सहित कई शहरी क्षेत्रों में ऑरेंज अलर्ट लागू है। इन जिलों में बारिश के साथ-साथ ओला गिरने की संभावना बनी हुई है।

विस्तृत सूची में शामिल हैं:

  • पश्चिमी यूपी (ऑरेंज अलर्ट): मेरठ, सहाARANpur, मुज़फ़्फरनगर, बागपत, बिजनौर, अम्रोहा, रामपुर, पीलीभीत।
  • मध्य एवं दक्षिणी यूपी: लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, उननाव, फतेहपुर, बन्दा, महोबा, हमीरपुर, झांसी, ललितपुर, जालौन, कानपुर, औरैया, इटावा, मेरठ, कन्नौज।
  • पूर्वी यूपी (यलो अलर्ट): गोर्खपुर, देवरिया, अज़मगढ़, मऊ, जाँपुर, प्रतापगढ़, काशी, वाराणसी, चंदौली, सोनभद्र, मीरजापुर, प्रयागराज।

पूर्वी संभाग में हालात थोड़े बेहतर हैं, लेकिन वहां भी 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। वहीं, पश्चिम में हवाओं की रफ्तार 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जो छोटे-मोटे पेड़ों और कमजोर संरचनाओं को नुकसान पहुंचा सकती है।

तापमान में आएगी भारी गिरावट

बारिश के कारण अगले 24 घंटों में उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस की तेज गिरावट आएगी। यह अचानक बदलाव स्वास्थ्य के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है, खासकर बुजुर्गों और बच्चों के लिए। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह ठंडक दो दिन तक बना रहेगा, इसके बाद तापमान फिर से बढ़ने लगेंगे।

"अगले दो दिनों तक मौसम का यह रुख बना रहेगा," मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया। "इसके बाद मौसम सामान्य हो जाएगा।" इसका मतलब है कि शुक्रवार तक बारिश और आंधी का खतरा बना रहेगा।

हाल के तूफानों का संदर्भ और सरकार की प्रतिक्रिया

यह चेतावनी उस समय आई है जब राज्य अभी हाल ही में हुए तूफानों के झटकों से उबर रहा है। मई में हुई धूल भरी आंधी और तूफानी बारिश में योगी आदित्यनाथ की सरकार ने सख्त कदम उठाए थे। उस दौरान कुल 89 लोगों की मौत, 53 लोग घायल और 114 पशुओं की मृत्यु हुई थी। प्रयागराज में 17, फतेहपुर में 15 और भदोही में 13 लोगों की जान चली गई थी।

उस हादसे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देश दिए थे कि वे 24 घंटों के भीतर प्रभावित परिवारों को सहायता राशि दें। अब, नई चेतावनी के बीच, प्रशासन फिर से सतर्क है। रेल और बिजली सेवाओं पर भी नजर रखी जा रही है, क्योंकि पिछले तूफानों में ये सेवाएं प्रभावित हुई थीं।

नागरिकों के लिए सलाह

नागरिकों के लिए सलाह

मौसम विभाग ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे बाहर निकलने से बचें, खासकर अगर ऑरेंज अलर्ट वाले क्षेत्रों में रहते हैं। बिजली के खंभों और पुराने पेड़ों से दूरी बनाएं। यदि आप गाड़ी चला रहे हैं, तो ध्यान रखें कि सड़कें फिसलन वाली हो सकती हैं और दृश्यता कम हो सकती है।

Frequently Asked Questions

क्या नोएडा और गझियाबाद में भी बारिश होगी?

जी हां, नोएडा और गझियाबाद दोनों जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी है। यहां बारिश के साथ-साथ ओला गिरने और तेज हवाओं (60 किमी/घंटा) की संभावना है। नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।

तापमान में कितनी गिरावट आएगी?

अगले 24 घंटों में उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी। यह गिरावट बारिश के कारण होगी और दो दिन तक बना रहेगा।

ऑरेंज अलर्ट का क्या मतलब है?

ऑरेंज अलर्ट का मतलब है कि मौसम की स्थिति खराब होने की उच्च संभावना है। इसमें तेज आंधी, बिजली गिरना और ओलावृष्टि शामिल हो सकती है। नागरिकों को बाहर निकलने से बचने और सुरक्षा उपाय करने चाहिए।

कब तक यह खराब मौसम रहेगा?

मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों (8 और 9 अप्रैल) तक बारिश और आंधी का रुख बना रहेगा। इसके बाद मौसम सामान्य होने की उम्मीद है और तापमान फिर से बढ़ने लगेगा।

पिछले तूफान में कितने लोग मारे गए थे?

हाल ही में हुए धूल भरी आंधी और तूफान में कुल 89 लोगों की मौत हुई थी, 53 लोग घायल हुए थे और 114 पशुओं की मृत्यु हुई थी। प्रयागराज, फतेहपुर और भदोही सबसे ज्यादा प्रभावित जिले थे।